जेठ १२ गते वैशाख शुक्ल पूरनमासीक दिन जोनीमे गिरहन लागनबालो हए । गिरहनकी छाँही नेपालसे नादिखाबैगो नेपाल पञ्चाङ्ग निर्णायक समिति जनाई हए ।
नेपाली बादरमे चन्द्रोदय हानसे पहिले मोक्ष हुबैया हए तबही पृथ्वीकी छाँहीक कारो हिस्सा ना देखन मिलैगो समितिके सदस्य सचिव एवं सूर्य पञ्चाङ्गके पञ्चाङ्गकार सूर्यप्रसाद ढुङ्गेल जानकारी दैहएँ ।
दिन औ जोनीे बीचमे पृथ्वी आनसे एकए सुध होनसे जोनीमे गिरहन लागत हए । जोनीक गिरहन (चन्द्रग्रहण) कहोक पृथ्वीकी छाँही जोनीम पडत हए । ऐसी छाँही दुई मेलकी होत हएँ । सघन औ विरल । नेपालमे ना दिखानसे जेठ १२ गते गिरहन बारन ना पडैगो समितिकी स्वीकृति भओ पात्रोमे लिखो हए ।
दिनकी गिरहन चार प्रहर (१२ घण्टा) और जोनीक गिरहन तीन प्रहर (नौ घण्टा) अग्गुसे सूतक लागत हए धर्मशास्त्रविद् समितिके अध्यक्ष प्रा डा रामचन्द्र गौतम बताई हए । सूतक लागो समयमे खानु नाखान पडत हए धार्मिक विश्वास हए ।