सावन १ गते, सामन महिना सुरु सङ्गए बूडा(प्रतिपदा)के दिनसे (शुक्ल तृतीय)तीजके दिनतक रानाथारु समुदायमे रात रातमे डोला डोलन परम्परा हए । हर रानाथारु गाउँमे सामनको डोला पडरहे हएँ कोइ कोइ गाउँमे जनप्रतिनिधि से उद्द्घाटन फिर हुइरहे हएँ । हर्ष उल्लासमय हरियालीमे रानाथारुको मौलिक त्युहार तीजके अवसरमे रौनक दिनय दिन बढतय जाए रहो हए ऐसो खुसिक मौसम मे रानाथारु समुदायके एक चर्चित गायक, गीतकार, समाजिक अभियन्ता नारायण राना अपन फेसबुक मार्फत हार्दिक बिन्ती करि हएँ ।
उनकी कहाइ हए कि रानाथारु समुदायमे संस्कृति सङ्गए कुछ बिकृती हएँ अबको समयमे शिक्षा फिर उत्नुए जरुरीके मारे शैक्षिक वातावरण बनान ताहिं रानाथारु समुदायमे रातकी संस्कृतिके सुधार करन जरुरी हए । हर गाउँमे जवान पढन उमरके लौंडा इतेस उते फिर्त मिलङ्गे उनके अभिभावकसे फिर कोइ रोक तोक नैया या बे डांट ना पात हएँ ऐसेमे संस्कृतिके नाओँमे बिकृती फैल रहि हएँ तभिमारे अपन बालबच्चनकी पढाइ औ उनकी भविस्यके ताहिं रातकी संस्कृतिमे सुधार करन बे बिन्ती करि हएँ । उनकी बिन्ती ऐसि हए ।
नारायण राना (राना कला संस्कृति संरक्षण तथा बिकास मन्चके अध्यक्ष फिर हएँ)
उनकी बिन्ती ऐसि हए ……..
