कैलालीकीे धनगढीमे मानव अधिकारकी विश्वव्यापी आवधिक समीक्षा (यूपिआर) की चौथो चक्रकी प्रतिवेदन तयारीके ताहीँ सुदूरपश्चिम प्रदेश स्तरीय परामर्श कार्यक्रम सम्पन्न भओ हए । अनौपचारिक क्षेत्र सेवा केन्द्र (इन्सेक) सुदूरपश्चिम प्रदेश कार्यालय लगायतके सङ्घसंस्थाकी आयोजनामे प्रदेश स्तरीय परामर्श कार्यक्रम सम्पन्न भओ हए ।
सन् २०२५ की जुन महिनामे नेपालले समग्र मानव अधिकार अवस्थाकी प्रतिवेदन तयार करके संयुक्त राष्ट्रसङ्घ मानव अधिकारकी उच्च आयुक्तकी कार्यालयसे मानव अधिकार परिषदमे पेस करन औ नेपालके मिलो सुझावनके े कार्यान्वयनकी अवस्थाक नियमित अनुगमनके ताहीँ नेपाली गैरसरकारी संस्थाहरूकी सचिवालय इन्सेक प्रतिवेदनके ताहीँ सरोकारवाले सँँग छलफल कार्यक्रम करि हए े ।
कार्यक्रममे राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोग सुदूरपश्चिम प्रदेश कार्यालयके निमित्त प्रमुख झंकर बहादुर रावल विश्वव्यापी आवधिक समीक्षासे मिलो सिफारिस और कार्यान्वयनकी विषयमे विश्वव्यापी आवधिक समीक्षा करन औ जाको कार्यान्वयन गर्ने महत्त्वपूर्ण पष हए बताइँ हएँ । रावल संविधान जारी पिच्टछु नेपालके आर्थिक, सामाजिक औ सांस्कृतिक अधिकारकी विषयमा काम जरुरी हए बताइ हएँ ।
अनौपचारिक क्षेत्र सेवा केन्द्र (इन्सेक) सुदूरपश्चिम प्रदेश कार्यालय धनगढीका प्रमुख खडकराज जोशीले आवधिक समीक्षासे आएभए सुझाव और सिफारिसके कार्यान्वयन करन तीनौ तहक सरकार, नागरिक , नागरिक समाज सङ्घ संस्थाकी सबको भूमिका बराबर रहत हए बताइ हएँ । बे नेपाल समग्र मानव अधिकारको अवस्थाकी विषयमे राष्ट्रिय रूपमे प्रतिवेदन बुझाबैगो औ गैरसरकारी संस्थाकी पूरक प्रतिवेदन वास्तविक अवस्था त्रिचण करैगो तबही जामे सबको साथ जरुरी हए कहि हएँ ।
छलफलमा सहभागी भौतिक विकासस इकल्ला मानव अधिकार स्थापित नहुइ हए तबही संविधानसे मिलो अधिकारके कार्यान्वयन करके मानव अधिकारक महसुस करबान बाले विषय आवधिक समीक्षामे समेट्न सरोकारवाले सुझाव दैहए ।