नेपालमे दशैं सबसे बडाे चाड मानाे जात हए। जा हिन्दू धर्मसे सम्बन्धित हाेएसे फिर सबए नेपाली एकदमए उत्साह से दशैं मनात हएं । दशैंसे विजया दशमी फिर कहात हएं ।
दशमीकी पहिलो दिनसे घटस्थापना कहात हएं। जा दिन घर–घरमे जमरा धर्के दुर्गा पुजाकी सुरुवात करत हएं। फिर महाअष्टमी औ महानवमी सम्म दुर्गा देवीकी पुजा आराधना करत हएं। तमान ठाउँमे आज अष्टमीके दिन बलि फिर देत हएं और जहे दिन घर घरमे बक्रा, मुर्गा मार्के खात हएं ।
दशमी टिकाके दिन परिवारके ज्येष्ठ(बडे,बुढे)सदस्यसे घरके छाेटे सदस्य टिका औ जमरा लग्बात हएं और आशीर्वाद लेत हएं । टिकाके दिन सबए दुर ढिँगइके नातेदारनसे भेटघाट कर्के दुख;सुखकी बात एकदुसरे से कर्तए खुशी साटासाट करत हएं । तमानसे समुदायमे दशमी १५ दिन तक चलत हए ।
दशमीमे नयाँ नयाँ लत्ता पैंधन ,मिठाे मिठाे पकाएके खान,और गीत–संगीतमे रमाइलाे करत हएं । थारु समुदायमे दशमी मे सखिया नाच खेलत हएं कहेसे अन्य समुदाय फिर अपन चलन अनुसार दशमीमे रमाईलाे करत हएं। गाउँ–सहरसे सबए अपन-अपन घरे जाएके घर-परिवारके सँगए मिल्के रमाइलो करत हएं । एैसे देखतपेति दशमी आपसी सद्भाव औ एकताकी भावना एकदुसरेके बिच बढात हए ।
दशमी नेपालमे केवल एक रमाइलो चाड इकल्लाे नाएकी परिवार,समुदाय,नातेदार बिच एकताकाे भावना बढात् हए ।